शांति का नोबेल गोर, यूएन पैनल को

वर्ष 2007 के शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए संयुक्त रूप से अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति अल गोर और इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज(आईपीसीसी) को चुना गया है।

नॉर्वे की नोबेल समिति ने शुक्रवार को यह घोषणा कर दी। संयुक्त राष्ट्र की इंटरगव्हर्नमेंट पेनल ऑन क्लाइमेट चेंज(आईपीसीसी) और अल गोर का चुनाव 181 उम्मीदवारों के बीच किया गया। इस पुरस्कार में 15 लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि दी जाती है।अल गोर 1993-2001 के बीच अमेरिका के 45 वें उपराष्ट्रपति रहे। वे 2000 में राष्ट्रपति का चुनाव हार गए थे। इसके बाद वे समाजसेवा में उतर गए थे। ऋतु परिवर्तन पर उनकी डाक्यूमेंट्री फिल्म “एन इनकन्विनियंट ट्रुथ” ने 2006 में आस्कर पुरस्कार जीता था।

आईपीसीसी ने संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था है। इसमें 3000 से अधिक वातावरण विज्ञानी, समुद्र विशेषज्ञ, बर्फ विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री और अन्य विशेषज्ञ ग्लोबल वार्मिग और इसके प्रभावों पर काम कर रहे हैं।

नोबल विजेता वांगारी माथाई ने अल गौर और संरा पैनल को शांति का नोबल पुरस्कार दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि इन दोनों ने सच को विश्व के सामने लाने का काम किया है। उनकी डाक्यूमेंट्री फिल्म का बुश प्रशासन पर सटीक असर पड़ा और उसने ग्लोबल वार्मिग के खतरे को समझा। इससे पहले तक वह इससे अंजान बनाता था।

गोर एक संक्षिप्त परिचय: संयुक्त राष्ट्र की इंटरगवर्नमेंट पैनल फॉर क्लाइमेट चेंज(आईपीसीसी) के साथ इस साल शांति का नोबल पुरस्कार जीतने वाले अलबर्ट अर्नाल्ड गोर जूनियर का जन्म 31 मार्च 1948 को हुआ था। वे एक राजनेता होने के साथ व्यापारी और पर्यावरणविद् भी हैं। गोर अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव(1977-85) और अमेरिकी सीनेट(1985-93) के सदस्य रहे हैं। सीनेट में वे टेनेसी का प्रतिनिधित्व करते थे। वे 1993 से लेकर 2001 तक वे अमेरिका के 45 वें उपराष्ट्रपति रहे।

वे 2000 में हुए राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेट उम्मीदवार थे। अमेरिका के इतिहास के सबसे विवादास्पद चुनावों में से एक कहे जाने वाले इन चुनावों में वे वर्तमान राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश से हार गए थे। इन चुनावों में कई बार मतगणना हुई थी। इन चुनावों को फ्लोरिडा कोर्ट में चुनौती भी दी गई थी।

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